तुगलक स्थापत्य कलारू दिल्ली सल्तनत के एक युग का स्थापत्य और तकनीकी विश्लेषण
Keywords:
स्थापत्य, लाल बलुआ पत्थर, संगमरमर धूसर क्वार्टजाइट, चूना प्लास्टर सजावट अत्यधिक नक्काशी, स्मारक, ज्यामितीय आकृति, कला और वास्तुकला, मीनार, मेहराब, गुंबदAbstract
दिल्ली सल्तनत के इतिहास में तुगलक वंश (1320-1414 ई.) का काल कला और वास्तुकला की दृष्टि से एक क्रांतिकारी मोड़ था। खिलजी वंश की अत्यधिक अलंकृत और भव्य शैली के विपरीत, तुगलक वास्तुकला ने सादगी, मजबूती और उपयोगिता को प्राथमिकता दी। गाजी मलिक ने 1320 ई. में गयासुद्दीन तुगलक के नाम से तुगलक वंश की स्थापना की। इस वंश ने लगभग एक शताब्दी तक शासन किया, जिसमें तीन प्रमुख शासक हुएरू गयासुद्दीन तुगलक (1320-1325 ई.) मोहम्मद बिन तुगलक (1325-1351 ई.) फिरोज शाह तुगलक (1351-1388 ई.)।


